6 अक्टूबर 2026 को नेशनल मेडिकल कमीशन (NMC) ने एक सार्वजनिक नोटिस जारी किया, जिसे भारत के हर डॉक्टर, क्लिनिक और अस्पताल को जानना जरूरी है। इसका नाम है “Guidelines on Ethical Advertising and Public Communication by hospitals/medical institutions and Registered Medical Practitioners”, और यह तुरंत प्रभाव से लागू हो गई है। इस लेख में हम इसे सरल भाषा में समझाएंगे।
स्रोत: नेशनल मेडिकल कमीशन, एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड, पब्लिक नोटिस नंबर R-13014/01/2024-Ethics, दिनांक 6 अक्टूबर 2026। आधिकारिक वेबसाइट: nmc.org.in
1. यह नोटिस असल में है क्या?
यह एक औपचारिक नियामक दिशानिर्देश है, कोई सुझाव या सलाह नहीं। इसे NMC के एथिक्स एंड मेडिकल रजिस्ट्रेशन बोर्ड ने National Medical Commission Act, 2019 के तहत जारी किया है, और इसे Indian Medical Council (Professional Conduct, Etiquette and Ethics) Regulations, 2002 के साथ पढ़ा जाना है।
एक लाइन में कहें तो: यह भारत में डॉक्टरों और अस्पतालों के लिए विज्ञापन और सार्वजनिक संवाद का नया रूलबुक है, ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह, अभी से।
2. NMC ने अभी यह गाइडलाइन क्यों जारी की?
2.1 सुप्रीम कोर्ट से जुड़ाव
नोटिस में कहा गया है कि यह गाइडलाइन सुप्रीम कोर्ट में दायर Writ Petition (Civil) No.1160/2023 को ध्यान में रखते हुए बनाई गई है। कोर्ट की चिंता थी स्वास्थ्य सेवाओं के विज्ञापन का बढ़ता व्यावसायीकरण।
2.2 चार मुख्य उद्देश्य
“चिकित्सा पेशे की गरिमा बनाए रखना। स्वास्थ्य सेवा के व्यावसायीकरण को रोकना। मरीजों के हित की रक्षा करना और भ्रामक दावों को रोकना। स्वास्थ्य संचार को जानकारीपूर्ण, नैतिक और साक्ष्य-आधारित बनाए रखना।”
3. यह किन-किन पर लागू होती है?
- हर रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर (RMP), यानी नेशनल रजिस्टर या किसी राज्य मेडिकल रजिस्टर में दर्ज हर डॉक्टर
- हर अस्पताल और क्लिनिकल एस्टैब्लिशमेंट
- एजेंसी, इन्फ्लुएंसर और प्लेटफॉर्म भी, जो डॉक्टर या अस्पताल की तरफ से काम करते हैं। थर्ड पार्टी से काम करवाने से जिम्मेदारी खत्म नहीं होती।
4. अब क्या करना बैन है? (संक्षेप में)
- कमर्शियल फायदे के लिए AI-जनरेटेड प्रमोशनल कंटेंट
- “बेस्ट,” “नंबर 1,” “100% सफलता,” “गारंटीड इलाज” जैसे दावे
- पेशेंट टेस्टिमोनियल और एंडोर्समेंट, सहमति के बावजूद भी
- प्रमोशन के लिए “पहले और बाद” की फोटो
- सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर एंडोर्समेंट
- फेक फॉलोअर्स, रिव्यू, रेटिंग
- ऐसे ऑफर जो गैरजरूरी इलाज के लिए उकसाएं
- मरीज की पहचान वाला डेटा शेयर करना
पूरी सोशल मीडिया से जुड़ी लिस्ट के लिए हमारा सोशल मीडिया पर NMC गाइडलाइन वाला लेख पढ़ें।
5. क्या-क्या करना अभी भी ठीक है?
- फैक्चुअल जानकारी: नाम, पता, योग्यता, सेवाएं, फीस
- अस्पताल की वेबसाइट पर डॉक्टर डायरेक्टरी
- प्रैक्टिस शुरू करने, पता बदलने जैसी औपचारिक घोषणाएं
- पब्लिक हेल्थ एजुकेशन लेक्चर
6. नियम तोड़ने पर क्या होगा?
पहली गलती पर चेतावनी और एथिक्स ट्रेनिंग, बार-बार या गंभीर उल्लंघन पर 1-3 साल के लिए मेडिकल रजिस्टर से नाम हट सकता है। पूरी जानकारी और वेबसाइट पर इसका असर जानने के लिए हमारी NMC कंप्लायंस मैनुअल देखें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या यह कानून है या सिर्फ सलाह?
यह NMC Act, 2019 के तहत एक बाध्यकारी नियामक गाइडलाइन है, सिर्फ सलाह नहीं।
यह कब से लागू है?
6 अक्टूबर 2026 से, तुरंत प्रभाव से।
क्या यह मेरे पर्सनल इंस्टाग्राम पर भी लागू होता है?
हां, अगर वह अकाउंट किसी भी तरह से आपकी प्रोफेशनल सेवाओं को प्रमोट करता है, तो यह लागू होता है।